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Monday, 15 November 2021

क्या अल्लाह मुहम्मद ‎ﷺ ‏ के लिए सलाह(नमाज़) ‏कायम करता है?? ‏Quran ‎33:56 – ‏Myth: ‏Allah Prays To Muhammed ‎PBUH

क्या अल्लाह मुहम्मद ﷺ के लिए सलाह(नमाज़) कायम करता है??

इस्लाम के विरोध में आलोचक इतने अंधे हो जाते हैं कि वो बस किसी भी तरह से इस्लाम की आलोचना करना नही छोड़ना चाहते हैं इसके लिए चाहे उन्हें कितने ही झूठ गढ़ने पढ़ें।

ऐसे ही झूठों में से एक झूठ गढ़ कर लाते हैं। कि अल्लाह मुहम्मद ﷺ के लिए सलात कायम करता है। और ये साबित करना चाहते हैं कि मुहम्मद ﷺ ही अल्लाह है (माजल्लाह) और इस्लाम का एकेश्वरवाद झूठा है। जबकि उनकी खुद की किताबों का ये हाल है कि खुदाओं की गिनती कम पढ़ जाती है और आज के नए नए ख़ुदा बन जाते हैं जो अलग।

क़ुरआन की सूरह अहज़ाब कि आयत 33:56 से स्वयं का अर्थ बना कर कहते हैं कि अल्लाह मुहम्मद सल्ल. के लिए नमाज़ पढ़ता है (माजल्लाह)

सूरह अहज़ाब की आयत

اِنَّ اللّٰہَ وَ مَلٰٓئِکَتَہٗ  یُصَلُّوۡنَ عَلَی النَّبِیِّ ؕ یٰۤاَیُّہَا الَّذِیۡنَ اٰمَنُوۡا صَلُّوۡا عَلَیۡہِ  وَ سَلِّمُوۡا  تَسۡلِیۡمًا ﴿۵۶﴾

अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर दुरूद भेजते हैं, ऐ लोगो जो ईमान लाए हो, तुम भी उनपर दुरूद और सलाम भेजो।
📚 क़ुरआन अहज़ाब 33:56

यह आयत का अनुवाद है जिस पर आलोचक कहते हैं कि दुरूद (सल्ला का) गलत अनुवाद है आलोचक कहते हैं इसका सही अनुवाद इस तरह है:

"अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी के लिए नमाज़ पढ़ते हैं, ऐ लोगो जो ईमान लाए हो, तुम भी उनके लिए नमाज़ पढ़ो और सलाम भेजो।"

जो लोग इस तरह के झूठ का प्रचार करते हैं उन्हें न तो समझ है और न ही अरबी भाषा का ज्ञान है।  उदाहरण के लिए, एक शब्द का उपयोग मनुष्यों के लिए किया जा सकता है और इसका एक अर्थ ओर भी हो सकता है।और एक ही समय में, एक ही शब्द का उपयोग ख़ुदा के लिए किया जाता है और उसका दूसरा अर्थ भी निकल सकता है। इस्लाम मे जब भी पैगम्बर मुहम्मद साहब का नाम लिया जाता है तो साथ में "सल्लल्लाहु अलैही वस्सलम(ﷺ)" कहा जाता है जिसका अर्थ है "आप पर (अल्लाह की) सलामती हो" (peace Be Upon Him) इसका पैगम्बर मुहम्मद साहब की "इबादत" करने से कोई ताल्लुक नहीं है यह सिर्फ अल्लाह से पैगम्बर मुहम्मद साहब पर सलामती भेजने के संबंध में है, जिस तरह से हम इब्राहीम अलै. पर सलामती भेजते हैं:

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا رَوْحٌ، وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ نَافِعٍ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، – وَاللَّفْظُ لَهُ – قَالَ أَخْبَرَنَا رَوْحٌ، عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَمْرِو بْنِ سُلَيْمٍ، أَخْبَرَنِي أَبُو حُمَيْدٍ السَّاعِدِيُّ، أَنَّهُمْ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ نُصَلِّي عَلَيْكَ قَالَ ‏ “‏ قُولُوا اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى أَزْوَاجِهِ وَذُرِّيَّتِهِ كَمَا صَلَّيْتَ عَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ وَبَارِكْ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى أَزْوَاجِهِ وَذُرِّيَّتِهِ كَمَا بَارَكْتَ عَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ ‏”‏

बशीर बिन साद ने आप ﷺ से अर्ज़ किया अल्लाह के रसूल ﷺ, अल्लाह ने हमें आप पर दुरूद(सलामती) भेजने का हुकुम दिया है तो हम आप पर दुरूद कैसे भेजें उन्होंने कहा इस पर रसूल ﷺ खामोश हो गए हत्ता के हमने तमन्ना की, कि उन्होंने आपसे यह सवाल न किया होता फिर रसूलल्लाह ﷺ ने फरमाया:  "कहो ए अल्लाह सलामती नाज़िल फरमा मुहम्मद ﷺ और मुहम्मद ﷺ की आल(खानदान) पर जैसे तूने सलामती फरमाई इब्राहीम अलै. की आल पर और बरकत नाज़िल फरमाई मुहम्मद ﷺ और मुहम्मद ﷺ की आल पर जैसे तूने सब जहानों में बरकत नाज़िल फरमाई इब्राहिम अलै. की आल पर।"
📚 सहीह मुस्लिम 804

जब कोई उपरोक्त हदीस को पढ़ता है, तो यह देख सकता है कि 'सल्ला' का उपयोग दूसरों के लिए भी किया जाता है। यह स्पष्ट है कि 'सल्ला' का अर्थ 'प्रार्थना' (उपासना) नहीं है जब इसका उपयोग मनुष्यों के लिए किया जाता है। ऐसे अन्य उदाहरण हैं जहां 'सल्ला' शब्द का इस्तेमाल किया गया है,

सुनन अबु दाऊद कि हदीस में आता है:

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنِ الأَسْوَدِ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ نُبَيْحٍ الْعَنَزِيِّ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ امْرَأَةً، قَالَتْ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم صَلِّ عَلَىَّ وَعَلَى زَوْجِي ‏.‏ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ “‏ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْكِ وَعَلَى زَوْجِكِ ‏”‏

एक औरत ने नबी ﷺ से कहा कि मेरे और मेरे शौहर के लिए सलामती कि दुआ कर दीजिए। आप ﷺ ने फरमाया: "अल्लाह तुझ पर और तेरे शौहर पर सलामती नाज़िल फरमाए"
📚 सुनन अबु दाऊद 1533

सफ़ों के दाईं जानिब खड़े लोगों पर अल्लाह सलामती नाज़िल करता है:

 إِنَّ اللَّهَ وَمَلاَئِكَتَهُ يُصَلُّونَ عَلَى مَيَامِنِ الصُّفُوفِ

अल्लाह के रसूल ﷺ ने फरमाया: "सफ़ों के दाएँ जानिब पर अल्लाह तआला अपनी सलामती नाज़िल फरमाता है और उसके फ़रिश्ते दुआ-ए-खैर करते हैं"
📚 सुनन इब्ने माजा 1005
http://sunnah.com/urn/1283530

पैगम्बर मुहम्मद साहब ने अबी औफ की संतान के लिए, अल्लाह से सलामती की दुआ कि:

حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أَوْفَى، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا أَتَاهُ قَوْمٌ بِصَدَقَتِهِمْ قَالَ ‏”‏ اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى آلِ فُلاَنٍ ‏”‏‏.‏ فَأَتَاهُ أَبِي بِصَدَقَتِهِ، فَقَالَ ‏”‏ اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى آلِ أَبِي أَوْفَى ‏”‏‏.‏

जब भी अल्लाह के रसूल ﷺ के पास कोई ज़कात लेकर आता तो आप ﷺ उसके लिए दुआ फरमाते: "ऐ अल्लाह! फला की आल पर सलामती फरमा।" मेरे वालिद भी अपनी ज़कात लेकर हजीर हुए तो आप ने दुआ फरमाई: "ऐ अल्लाह आले अबी औफ पर सलामती फरमा।"
📚 सहीह बुखारी 1497
http://sunnah.com/bukhari/24/98

उपरोक्त हदीसों को पढ़ने पर निष्कर्ष निकलता है कि "सल्ला" मुहम्मद ﷺ के अलावा दूसरे लोगों के लिए भी बोला गया है जिसका मतलब सलामती से है। यह बेबुनियाद बात है कि अल्लाह मुहम्मद ﷺ के लिए नमाज़ पढ़ता है।
अब मुस्लिम और गैर मुस्लिम विद्वानों के कथन देखते हैं जिन्होंने "Salla Allahu Alayhi wa-sallam" का अर्थ बताया है

Keith E. Swartley लिखते हैं:

S.A.W. यह तसलिया का संक्षिप्त रूप है, जो-sall Allah al-ayhi wa sallam पूर्ण है है, ’सम्मान और सलाम के शब्द मुहम्मद साहब के नाम से जुड़े हुए हैं;  शाब्दिक अर्थ है  अल्लाह उन्हें आशीर्वाद दे और उसे शांति प्रदान करे ’; 
📚Encountering the World of Islam [Copyright 2005] by Keith E. Swartley page 526

The New Encyclopedia of Islam – Cyril Glasse में आता है:

जब कोई ईमान वाला पैगम्बर का उल्लेख करता है और नाम से शायद ही उल्लेख किया जाता है लेकिन पैग़म्बद(नबी) या अल्लाह के रसूल (रसूलल्लाह) जैसे शब्दों के साथ बोला जाता है। "salla-Llahu alayhi wa sallam" जिसका मतलब है "आप पर अल्लाह की सलामती हो"।
📚The New Encyclopedia of Islam revised Edition of the Concise Encyclopedia of Islam By Cyril Glassé page 364

Dr. Ghulam Haider Asi लिखते हैं:

Salla-Allahu alayhi wa sallam जिसका मतलब "अल्लाह की सलामती हो आप पर"
इज़्ज़त देने के लिए कभी कभी इसे संक्षिप्त में saaws या sa लिखा जाता है।
📚Sourcebook of the World’s Religions: An Interfaith Guide to Religion and Spirituality –  Dr Ghulam Haider Asi page 66

A modern Arabic-English Dictionary में Dr. Rohi Ballbaki लिखते हैं:

صلى الله عليه وسلم
means: God’s blessing and peace be upon him” 

“صلى الله عليه وسلم
का मतलब है "अल्लाह की सलामती हो आप पर"
📚 Dr Rohi Ballbaki. A mdern Arabic-English Dictionary page 698

Hans Wehr – A Dictionary of Modern written Arabic में लिखते हैं:

पैगम्बर मुहम्मद कि प्रशंसा में सलाम संक्षिप्त रूप है صلى الله عليه وسلم (salla, salaam) "अल्लाह की सलामती हो आप पर" का ।
📚 Hans Wehr. A Dictionary of Modern written Arabic page 523

A Dictionary And Glossary of the Koran में John Penrice लिखते हैं:

Ala का अर्थ प्रार्थना और सलामती भी होता है जैसा कि صلى الله عليه وسلم "अल्लाह की सलामती हो" में है।
📚Juan E. Campo, Encyclopaedia of Islam page 547 – 548


इस्लाम कि ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में John L. Esposito "صلى الله عليه وسلم" को परिभाषित करते हुए लिखते हैं:

“salla Allah alayhi wa-salaam: "अल्लाह की सलामती हो आप पर" मुसलमान लिखने और बोलने में विशेष रूप से सम्मान और आदर करने के लिए पैगम्बर या किसी इज़्ज़दार व्यक्ति के लिए उपयोग करते हैं, खास कर मुहम्मद ﷺ के लिए।
📚 John L. Esposito, The Oxford Dictionary of Islam. page 274

क़ुरआन कि 33:56 आयत की तफ़्सीर में ईसाई मिशनरी के मशहूर स्कॉलर E. M. Wherry फुटनोट में लिखते हैं:

"अल्लाह की सलामती हो आप पर" सलाम और इस तरह के शब्दों के बिना मुहम्मडन्स उनका नाम नही लेते हैं।
📚 E M Wherry. A Comprehensive Commentary on the Quran Volume 3 (Sales Translation With Notes and Emendations) 1885 page 326)

An Arabic English Vocabularly में D. A. Cameron लिखते हैं:

صلى الله عليه وسلم
Salla Allah a’leih wa sallam, अल्लाह "की सलामती हो आप पर"(मुहम्मद)
📚 An Arabic-English Vocabulary by D. A. Cameron page 155

उपरोक्त स्त्रोतों को पढ़ने के बाद यह बात साफ हो जाती है कि salla का मतलब यह नही होता कि अल्लाह पैगम्बर मुहम्मद साहब के लिए नमाज़ पढ़ते हैं। बल्कि इसका मतलब सलामती है।
यह शब्द और इंसानों के लिए भी आया है जैसा हमने ऊपर हदीस में देखा कि एक औरत अपने और अपने पति के लिए सलामती(salla) की दुआ करवाने आयी थी।
किसी भी शब्द के उसके संदर्भ के अनुसार अर्थ बदल जाते हैं। यह बात भाषा का थोड़ा सा भी ज्ञान रखने वाले लोग समझ जाते हैं।

अब एक बात ये आती है कि अल्लाह भी सलामती है इसका क्या मतलब है ?
इसका मतलब ये है कि हम लोग तो मुहम्मद ﷺ पर सलामती भेजने के किये अल्लाह से दुआ करते हैं और जब अल्लाह खुद सलामती भेजेगा तो इसका मतलब है कि अल्लाह ने खुद अपनी तरफ से सलामती भेजी है।
इसको एक उदाहरण से समझते हैं
जब मैं कहता हूं कि फलां आदमी से ये सामान ले लो तो इसका मतलब है मेरे कहने पर वो आदमी उसे सामान दे रहा है।
और एक काम इसमे ये हो कि सामान दे ने वाला आदमी उस आदमी को बिना मेरे कहे ही सामान दे दे तो यह हुआ कि उसने खुद से ही सामान दे दिया।

इसी तरह अल्लाह भी अपनी तरफ से नबी और इंसानों पर सलामती भेजता है अपनी तरफ से।



शाहरुख हबीब

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